इस िबल में अिधग्रहण, अवािप्त, िचिन्हत करना अस्पष्ट है इस िबल में यह स्पष्ट नहीं है की िकसान की अथवा अन्य ज़मीन िकस प्रकार ली जाएगी। यह तो साफ़ िलखा है िक क्षेत्रीय िवकास प्रािधकरण का गठन होने पर िचिन्हत भूिम तुरत ं क्षेत्रीय िवकास प्रािधकरण में िनिहत हो जाएगी और उसके अिधकार और िनयंत्रण में आ जाएगी। पृष्ठ संख्या 29 पर, अध्याय 6, धारा 27 में िलखा है की — “िवशेष िविनधान रीजन (special investment region) में िस्थत भूिम धारा 9 के अधीन क्षेत्रीय िवकास प्रािधकरण का गठन होने पर तुरंत राज्य सरकार के िनिमत्त क्षेत्रीय िवकास प्रािधकरण में िनिहत और उसके व्ययनाधीन — उसके disposal, क्षेत्रीय िवकास प्रािधकरण के अिधकार, िनयंत्रण — में रखी समझी जायेगी…” िनजी खातेदारों की भूिम ही नहीं स्थानीय प्रािधकरण यानी की पंचायती राज संस्था, या नगर पािलका, या आवासन बोडर्, या नगर सुधार न्यास या कोई अन्य िवकास प्रािधकरण की ज़मीनें भी इन SIR के क्षेत्रीय िवकास प्रािधकरणों िनयंत्रण अथवा अिधकार में दी जा सकेगी। पृष्ठ संख्या 30 पर धारा 27 की उपधारा 2 में इस बाबत िलखा है िक “अगर राज्य सरकार को लगेगा की कोई भूिम जो की स्थानीय प्रािधकरण में िनिहत है वह क्षेत्रीय िवकास प्रािधकरण द्वारा अपेिक्षत है तो वह िकसी राजस्थान िविध में िकसी बात के अंतिवर् ष्ट होते हुए भी, अिधसूचना द्वारा क्षेत्रीय िवकास प्रािधकरणों के व्ययनाधीन रख सकेगी।” ये SIR स्थानीय प्रािधकरण की अिधका िरता से भी बाहर होंगे । पृष्ठ सं ख्या 10 पर धारा 6 में विणर् त है की “िवशेष िविनधान रीजन (special investment region) स्थानीय प्रािधकरण की अिधकािरता के बाहर होंगे।” तो िकसानों, व्यापािरयों, कमर्चािरयों की जो भूिम-भवन है और स्थानीय िनकायों की भी जो ज़मीनें हैं वे सब एक नोिटिफ़केशन द्वारा इन SIR के िनयंत्रण में ली जा सकेंगी। पृष्ठ संख्या 31 पर धारा 27 की उपधारा 4 में िलखा है िक “राज्य सरकार, इस अिधिनयम के प्रयोजनों के िलए, भूिम के अिधग्रहण — acquisition — के िलए, अिधग्रहण के समय जो भूिम अिधग्रहण का क़ानून होगा उसके आधार पर भूिम अिधग्रिहत करेगी।” आगे धारा 28 में िलखा है िक “क्षेत्रीय िवकास प्रािधकरण िनजी पक्षकारों से, यानी Private Party से, ज़मीन ख़रीद कर ले सकता है, पट्टे पर — lease पर ले सकता है, िविनयम यानी अदला-बदली — exchange — के आधार पर ले सकता है, समझौता यानी agreement करके या िफर अन्यथा ले सकता है — यानी िबना agreement या िबना समझौते के भी ले सकता है, और ज़मीन का पूल बना कर भी ले सकता है।” ज़मीन का पूल बनाने का अथर् है िक कोई ज़मीन है, उसका कोई मािलक है या खातेदार है या “अिभधारी” अथार्त िकरायेदार है, वह अपनी ज़मीन का मािलकाना हक़ SIR के िलए जो Regional Development Aauthority “क्षेत्रीय िवकास प्रािधकरण” बनेगा उसको समिपर् त कर आपसी सहमित से बदले में Regional Development Aauthority से जब SIR में िवकास िकया जाएगा तब िवकिसत ज़मीन का िहस्सा ले ले अथवा नक़द मुआवज़ा ले ले।